Home गीता ज्ञान अमृत/रामचरित मानस श्रीरामचरितमानस-बालकांडः बिष्नु जो सुर हित नरतनु धारी, सोउ सर्बग्य जथा त्रिपुरारी

श्रीरामचरितमानस-बालकांडः बिष्नु जो सुर हित नरतनु धारी, सोउ सर्बग्य जथा त्रिपुरारी

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