Home उपयोगी कथा आपतकाल में प्राणरक्षा के लिए निर्बल और बलवान की मैत्री को अस्थाई ही मानना चाहिएः मैत्री के संबंध में भीष्म पितामह ने युधिष्ठिर को दिया नीति ज्ञान

आपतकाल में प्राणरक्षा के लिए निर्बल और बलवान की मैत्री को अस्थाई ही मानना चाहिएः मैत्री के संबंध में भीष्म पितामह ने युधिष्ठिर को दिया नीति ज्ञान

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