Home पुराण की कथा गृहस्थ आश्रम व कुलवृद्धि से विरक्ति के कारण लेना पड़ता फिर से जन्मः विरक्त प्रजापति रूचि का पितरों के आदेश से वृद्धावस्था में विवाह, रौच्य मनु का जन्म

गृहस्थ आश्रम व कुलवृद्धि से विरक्ति के कारण लेना पड़ता फिर से जन्मः विरक्त प्रजापति रूचि का पितरों के आदेश से वृद्धावस्था में विवाह, रौच्य मनु का जन्म

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