Home गीता ज्ञान अमृत/रामचरित मानस श्रीरामचरितमानस माला- बालकांडः खल से वैर से अच्छा है हजार मुख वाले शेष समझकर विनयभाव रखना

श्रीरामचरितमानस माला- बालकांडः खल से वैर से अच्छा है हजार मुख वाले शेष समझकर विनयभाव रखना

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