Home गीता ज्ञान अमृत/रामचरित मानस सीता माता का निंदक धोबी, न घर का रहा न घाट का, भगवान को रचना पड़ा अलग साकेत लोक

सीता माता का निंदक धोबी, न घर का रहा न घाट का, भगवान को रचना पड़ा अलग साकेत लोक

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